ये दुनिया ये महफ़िल मेरे काम की नहीं

उनको ख़ुदा मिले हैं ख़ुदा की जिन्हें तलाश

मुझको बस इक झलक, मेरे दिलदार की मिले।

ये दुनिया ये महफ़िल मेरे काम की नहीं

मेरे काम की नहीं।।

आचार्य प्रशांत: अमर यादव ने नेतृत्व किया है, कह रहे हैं, “उनको ख़ुदा मिले हैं, ख़ुदा की जिन्हें तलाश, मुझको तो इक झलक मेरे दिलदार की मिले।”

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org