आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant·Apr 12पैसा, प्रमोशन और तरक्की, ज़िंदगी फिर भी खोखली?क्या आपकी नौकरी आपको मुक्ति की ओर ले जा रही है या बंधन की ओर? मुक्ति की ओर जाना माने बंधनों को कम करना। ऐसे में देखना पड़ता है कि ज़्यादा…A response icon2A response icon2
आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant·Apr 10मुझसे क्या छीनोगे?अहंकार मनुष्य की मूल समस्या है। हम ज्ञान समझते हैं पर उस पर चल नहीं पाते क्योंकि अहंकार को अपनी पहचान के लिए दूसरों की आवश्यकता है। परिवार…
आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant·Apr 8प्रेम के बदले नफ़रत क्यों मिलती है?आपको क्या करना था? प्रेम। और आपने प्रेम कर लिया, अब तकलीफ़ क्या है? आपको सिर्फ़ प्रेम ही भर नहीं करना था, कामना कुछ और भी थी। क्या कामना थी…
आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant·Feb 19सब मोह-माया हैजब ‘मोह-माया’ कहते हैं, तो मोह से आशय होता है कि भीतर एकदम कोहरा फैल गया है, और माया से आशय होता है कि बाहर अब कुछ साफ़ दिखाई नहीं दे रहा।…
आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant·Feb 18रामकृष्ण परमहंस की एक अनूठी बातरामकृष्ण परमहंस ने ख़ूब प्रयोग किए। वे मानने वाले लोगों में नहीं थे। ये होता है आध्यात्मिक चित्त: वो जानने से, प्रयोग करने से नहीं डरता।…
आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant·Feb 17सेक्स अच्छा है या बुरा?सेक्स अच्छा या बुरा नहीं होता। अगर आपके जीवन में हर चीज़ के लिए उलझाव है, निर्णय नहीं ले पाते, तो आप सेक्स के बारे में भी अच्छा-बुरा…
आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant·Feb 16एपस्टीन फ़ाइल्स: असली दोषी कौन?तुम एक झूठी मान्यता में जीना चाहते हो कि इंसान बाय डिफॉल्ट होता तो अच्छा है, बस वो पावर उसको करप्ट कर देता है। पावर ने इंसान को नहीं करप्ट…
आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant·Feb 15निर्वाण षट्कम: शिवत्व का मूल–सूत्रनिर्वाण षट्कम को स्वयं तक पहुँचने का आख़िरी सूत्र भी माना जाता है। निर्वाण षट्कम के सब के सब श्लोक मात्र नकार में हैं। सब बस ये बता रहे हैं…A response icon1A response icon1
आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant·Feb 14वैलेंटाइन डे: प्रेम का वास्तविक अर्थजिसको तुम कहते हो रोमांटिक लव, इसका बाज़ारवाद से बहुत सीधा ताल्लुक है। अच्छे कपड़े पहन लिए, तोहफ़े दे लिए और मज़े कर लिए, लेकिन कुछ पूरा…
आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant·Feb 13अपनों की मृत्यु का दुख क्यों होता है?जितना अपनों की मृत्यु का दुख होता है, उतना ही अपनी मृत्यु का भय होता है। उनकी मृत्यु हमारी मृत्यु की याद दिलाती है। किसी की भी मृत्यु के…