हम धर्मग्रंथो से दूर क्यों भाग रहे हैं?

धर्म की आत्मा समझ लो धर्मग्रंथ होता है। ख़ासतौर पर तुम हिंदुओं में, सनातन धर्म
के मानने वालों में आजकल ये प्रचलन, ये वृत्ति बहुत देखोगे “कि नहीं साहब! मैं कोई धार्मिक किताब वगैराह नहीं पढ़ता।”

और बहुत लोग तो यह बात बड़े गौरव के साथ बताते हैं। जैसे ये उनकी कोई खूबी हो कि
उन्होंने कभी कोई किताब नहीं पढ़ी।

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org