हम ऐसे बदलेंगे नौकरशाही, राजनीति, और देश को

लोग कहते हैं सिस्टम को बदलना है तो सिस्टम के भीतर जाना होगा इत्यादि। अरे बाबा, तुम अपनी औकात को देखो और सिस्टम को देखो। कौन किसको बदल देगा, बताओ? जब तुम्हारा और सिस्टम का आमना सामना होगा, तो निश्चित रूप से दोनों एक दूसरे को प्रभावित करेंगे। तुम व्यवस्था को बदलोगे और व्यवस्था तुम्हें बदलेगी, पर ज्यादा कौन बदलेगा? सेब और धरती के बीच गुरुत्वाकर्षण होता है। जब सेब धरती की ओर आता है तो धरती भी थोड़ा-सा सेब की ओर आती…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org