हमारे जीवन के युद्ध और कृष्ण की समीपता!

हमारे जीवन के युद्ध और कृष्ण की समीपता!

आचार्य प्रशांत: श्रीकृष्ण की निकटता सीखनी है अर्जुन से; अर्जुन के भीतर का कोहरा उधार नहीं ले लेना है। और हमारी हालत ज़बरदस्त है, हमारे पास वो सब कुछ है जो अर्जुन के पास है, बस एक चीज़ नहीं है। हम हर मायने में अर्जुन हैं, अर्जुन का पूरा नर्क हमारे पास है; बस अर्जुन की एक चीज़ नहीं है हमारे पास, क्या? कृष्ण। क्या खूब हैं हम! जो कुछ भी अर्जुन का ऐसा है कि त्याज्य है, भ्रमित है, वो हममें और अर्जुन में साझा है। बस एक चीज़ है जो…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org