हथिनी की हत्या पर घड़ियाली आँसू

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी नमस्ते! हाल ही में एक हथिनी की हत्या के संबंध में देश में बहुत खलबली रही। आचार्य जी उस हथिनी में ऐसा क्या था कि पूरा देश ही भावुक हो गया? वो लोग भी जो रोज़ जानवर खाते हैं वो सोशल मीडिया पर आकर बयान देने लग गए। क्या जानवर जानवर में भी भेद होता है? कोई मुर्गा-मुर्गी मरते, कोई बकरा-बकरी मरते तो कोई पूछता? क्या कुछ जानवर खाए जाने के लिए ठीक होते हैं और कुछ ठीक नहीं होते? क्या खाने के लिए मारना और मज़े के लिए मारना…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org