स्वयं को बदलना असंभव व आवश्यक दोनों लगे तो

प्रश्न: ख़ुद को बदलना अगर आवश्यक लेकिन असंभव लगता हो तो?

आचार्य प्रशांत जी: मान लो कि असंभव है।

प्रश्नकर्ता १: लेकिन वो हल नहीं है। बहुत सारी परेशानियाँ हो रही हैं।

आचार्य प्रशांत जी: जो असंभव होगा, उसकी कोई आत्मिक चाह आपको उठ नहीं सकती।

इस सूत्र को अच्छे से पकड़ लीजिए ।

मुक्ति संभव है, इसका

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रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org

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