सुंदर रिश्ता खोने का अफ़सोस

रिश्ते शुरू तो सब प्रकृति से ही होते है। जीव का जो पहला संबंध होता है, वो भी पूरी तरह से प्राकृतिक ही होता है। पिता-माता की कोशिकाओं से ही जीव की शुरुआत होती है, तो प्रकृति जीव को संबंधित देखना चाहती है लेकिन उस पूरी सम्बन्धों की व्यवस्था में कही भी जीवन के उच्चतर मूल्य निहित नहीं होते है।

हर जीव, हर व्यक्ति रिश्ता बनाने को आतुर रहेगा ही और रिश्ता बनाएगा ही, लेकिन रिश्ता बनाने का आवेग उठेगा, रिश्ता बनाने की जो…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org