सिर्फ़ ऐसे बच सकते हो अवसाद (डिप्रेशन) से

प्रश्नकर्ता: प्रणाम आचार्य जी, 2011 के आसपास मुझे डिप्रेशन की समस्या हुई थी। उस समय घर में अशांति की वजह से मानसिक संतुलन थोड़ा ख़राब हो गया। एकदम से 'डर' आ गया जीवन में, और उसके बाद से वैसे ही चल रहा है। डर एकदम से हावी होता ही रहा, और उसी समय से गड़बड़ियों ने भी हावी होना शुरु कर दिया। फिर कुछ लोगों से पता चला कि 'योग' करो, तो ख़ूब योग किया। कोई बोल रहा है साँस का मेडिटेशन करो; कोई बोलता है कानो में एक आवाज़ आ रही है…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org