साहसी मन समस्या को नहीं, स्वयं को सुलझाता है

एक साहस होता है जिसका कारण होता है। और एक दूसरा साहस होता है जिसका कोई कारण नहीं होता। जीवन जीना है तो उस साहस में जिया जाए जो अकारण है।

वही है स्रोत, वहीं से आता है असली साहस, और कहीं से नहीं आ सकता।

मात्र धार्मिक मन ही लड़ सकता है। ये तो हम सब जानते ही हैं कि मात्र धार्मिक मन ही प्रेम में उतर सकता है, मैं आपसे कह रहा हूँ कि मात्र धार्मिक मन ही युद्ध कर सकता है।

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org