समाज से मिली शर्म

आपके नेता, महंत, अभिभावक, सबके सब ग्लानि के निर्माता हैं, क्योंकि वही अकेला तरीका है कि आपको नियंत्रण में रखा जा सके, आपको धोखा दिया जा सके।

बड़ी विचित्र प्रक्रिया है।

वो पहले तुम्हें समझाते हैं कि तुममें खोट है, फिर तुमसे कहते हैं, “तुम्हारी खोट का इलाज सिर्फ़ हमारे पास है।”

इन दोनों वक्तव्यों को जोड़ के बताओ क्या कहा उन्होंने?

--

--

आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org