सत्य के साथ होने का क्या मतलब है?

सच के साथ होने का अर्थ होता है कि दिख गया कि झूठ के साथ हूँ। जितना दिखाई दे कि उलझे हुए हैं, फँसे हुए हैं, उतना स्पष्ट है कि सच के साथ हो।

मीरा ने गाया है न?
“पिया मुझे अपनी दासी बनाओ झूठे धंधों से फंद छुड़ाओ”

यही है सच के साथ होना।

मीरा को दिख गया है कि झूठे धंधों में फँसने की संभावना है और बड़ी विकट संभावना है।दुनिया फँसी हुई है।…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org