सच्चा सुमिरन कैसे करें?

आदमी के पास संसार के अलावा कोई जगह नहीं है। आदमी के पास दुनिया की गलियों के अलावा कोई और रास्ता नहीं है। तो चलना तो आपको दुनिया में ही पड़ेगा, और दुनिया की ही गलियों में पड़ेगा। आप सही गली तो चुनो। दुनिया में ही एक गली ऐसी होती है, जो दुनिया के पार ले जाती है। आप उस गली को पकड़ो तो सही। और बिल्कुल भौतिक गली की बात कर रहा हूँ। ऐसी गली जिस पर यही हड्डी-माँस का पाँव रखकर चलते हो। आप उस गली की ओर आया तो करो।

दुनिया में ही कुछ स्थान ऐसे होते हैं जो आपको स्थानों से मुक्त कर देते हैं। आप उन स्थानों पर मौजूद तो रहो। उन्हीं स्थानों पर कुछ समय ऐसे रहते हैं, जो आपको समयातीत से मिला देते हैं।

आप उस समय गायब कहाँ हो?

दुनिया से बाहर जाने की विधि क्या है?
दुनिया।

बस ज़रा विवेक के साथ दुनिया में कदम रखना। दुनिया में सही चाल तो चलो, पार निकल जाओगे।

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org