संस्कृत भाषा का महत्व

आध्यात्मिक साहित्य सारा संस्कृत में है। अंग्रेज़ी व्यापार की भाषा है और भाषा सिर्फ़ भाषा नहीं होती, भाषा एक पूरा संस्कार होती है। अगर किसी के मन पर अंग्रेज़ी छा गयी है तो उसका मन व्यापारी हो जाएगा, गणित करेगा, हर बात में हानि-लाभ देखेगा; तुरन्त गणना करेगा कि, “मम्मी से मिल क्या रहा है मुझे?” ये है भाषा का मन पर प्रभाव।

संस्कृत साधारण भाषा नहीं है, इसको समझिएगा। ये भाषा आविष्कृत की गई थी आध्यात्मिक सिद्धांतों को दूसरे तक…

--

--

आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org