संसार में जीने के सही तरीके को अध्यात्म कहते हैं

संसार में एक मार्ग सही होता है, दस मार्ग गलत होते हैं। संसार में ही सही चलने का जो मार्ग है उसे अध्यात्म कहते हैं। अध्यात्म संसार से हटकर कहीं आसमानों में कोई विशिष्ठ मार्ग नहीं है, वह संसार में ही जीने का सही मार्ग है।

अगर कोई कहे कि उसे अध्यात्म की ओर नहीं आना तो वह कह रहा है कि मुझे संसार में ठोकरें खाते हुए जीना है।

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org