‘संभोग से समाधि’ की बात क्या है?

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, ओशो की किताब है, जिससे उन्होंने शुरुआत की थी -‘सम्भोग से समाधि की ओर’। ग्यारहवीं में था जब मैंने पहली बार पढ़ी थी। तब से तीन बार पढ़ चुका हूँ, पर हर बार सोचता हूँ, कि ओशो सेक्स मुक्ति की बात करते हैं, लेकिन वो कहते हैं कि तुम सेक्स को समझ कर ही उससे मुक्त हो सकते हो। हर रोज़ हम सेक्स को समझने की कोशिश करते हैं, मन में ये धारणा होती है कि इससे मुक्त हो जाएँगे, लेकिन नहीं हो पाते। और दैनिक जीवन में कहीं न कहीं आ…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org