शान्ति और सुविधा में अंतर

शान्ति के साथ जैसे चुनौती जुड़ी होती है। सुविधा के साथ सब कुछ ज्ञात होता है।

शान्ति नई होती है बहुत। सुविधा में तुम ऊपरी तौर पर, सतही तौर पर शांत हो और शांत इसीलिए हो क्योंकि जो कुछ हो रहा है वो तुम्हारे सुरक्षा के दायरे के भीतर का है, ज्ञात है, तुम्हें पहले ही पता है कि क्या हो रहा है, पूर्वनिर्धारित है। क्योंकि पूर्वनिर्धारित है इसीलिए वो तुम्हारे डर को ज़रा छुपाए रखता है, ज़रा सुलाए रखता है; डर मौजूद है लेकिन सोया हुआ…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org