शरीर के लिए योग, मन के लिए वेदांत

शरीर के लिए योग, मन के लिए वेदांत

प्रश्नकर्ता: प्रणाम आचार्य जी, अर्जुन कहते हैं कृष्ण से कि ‘धृतराष्ट्र पुत्र चाहे मुझे मार भी दें तो भी उनसे लड़ना तो ग़लत ही है।‘ हमारे आम जीवन में भी ऐसे ही चलता रहता है कि हम इमोशनल ब्लैकमेल (भावनाओं से किसी को नियंत्रित करना) करते हैं बहुत बार, या फिर कोई और हमें ब्लैकमेल करता है कि मर जाएँगे अगर तुम ये नहीं करोगे। या कभी हमें पता है कि अपराध करने पर मौत की भी सज़ा हो सकती है फिर भी ख़ुद मिट जाने के लिए तैयार हो जाते हैं शरीर रूप…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org