वो कैसे पाऊं जिससे सच्चा प्यार है

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, हम हमारा सच्चा प्यार, हमारा सच्चा व्यवसाय कैसे पाएँ? पापा ने कह दिया, “बी.टेक. कर लो, अच्छा होता है,” तो हम बी.टेक. करने आ गए। हर कोई अमीर बनना चाहता है, हर कोई अपनी ख़्वाहिशें ही पूरी करना चाहता है। पर ये हमारा सच्चा प्यार नहीं है।

कैसे ढूँढें सच्चा प्यार?

आचार्य प्रशांत: कोई ज़रूरत ही नहीं है ढूँढने की। क्या तुम्हें अपने चेहरे को ढूँढने की ज़रूरत है…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org