वो कहते हैं धर्म ने बर्बाद किया भारत को

हम भूल ही जाते हैं कि हम जंगली जानवर हैं। हम भूल ही जाते हैं कि हम पशु मात्र हैं।

कई लोगों का अपने बारे में बड़ा गरिमापूर्ण ख़्याल है। वो सोचते हैं कि हम तो पैदा ही होते हैं बड़े पाक साफ़; हम तो पैदा ही होते हैं बड़े समझदार। वो तो बाद में धर्म आकर के हमको मैला-कुचैला, कंडीशंड कर देता है।

साहब, हम उतने ही जंगली हैं जितना जंगल का कोई जानवर।

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org