वीरता साधना और अभ्यास माँगती है

ऐसा नहीं होता हमारे साथ कि हम अन्याय के विरुद्ध पूरा प्रतिरोध करें।

आम आदमी की जिंदगी देखो, उसके साथ कदम-कदम पर अन्याय हो रहा है, तुम उसे पाते हो पूरा प्रतिरोध करते हुए? जब वह कहीं पूरा प्रतिरोध नहीं करता तो एक ही ख़ास मौके पर कैसे पूरा प्रतिरोध कर देगा, क्यों कल्पना कर रही हो?

दस जगह आदमी को जूते पड़ रहे हैं और वह खा रहा है, विरोध नहीं कर रहा, सर झुकाए दे रहा है, तुम्हें क्या लग…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org