विद्या की गरिमा और सम्मान

बसंत पंचमी, विद्या की देवी, सरस्वती को समर्पित है। प्राचीन ज्ञान के अनुसार जीवन शिक्षा दो प्रकार की होती है — विद्या और अविद्या। आइए दोनों का अन्वेषण करें:

विद्या और अविद्या

अन्यदेवाहुर्विद्यया अन्यदाहुरविद्यया ।इति शुश्रुम धीराणां येनस्तद्विचचक्षिरे ॥

विद्या का फल अन्य है तथा अविद्या का फल अन्य है ।ऐसा हमने उन धीर पुरुषों से सुना है, जिन्होंने हमें समझाया था ।।

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org