विज्ञान जाने, धर्म पूरा जाने

विज्ञान पूरे तरीके से धार्मिक है क्योंकि धर्म है सत्य को जानना और विज्ञान भी सत्य को ही जानना चाहता है। लेकिन विज्ञान एक छोटी सी चूक कर देता है। समझते हैं:

एक पेंडुलम घूम रहा है। उसके चक्कर चल रहे हैं। वैज्ञानिक कहेगा, सत्य है कि “पेंडुलम घूम रहा है” और वह उस सत्य को पेंडुलम में ढूँढेगा। नतीजा? वह पेंडुलम की आवृत्ति निकाल लेगा, समय अवधि निकाल लेगा। वह जान जाएगा कि लंबाई पर ही सब निर्भर है। वह वही सारी जानकारियाँ पेंडुलम के बारे में इकट्ठी कर लेगा और वह कहेगा कि मुझे सत्य पता चल गया। अब तुम उस पेंडुलम की जगह एक पंखा भी रख सकते हो, आकाशगंगा रख सकते हो और दुनिया भर की जितनी भौतिक…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org