वासना सताए तो क्या करें?

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, मेरे मन में सेक्स से सम्बंधित बहुत विचार आते हैं तो फिर इनको कैसे कम करें या काबू में करें?

आचार्य प्रशांत: ज़िंदगी यूँ ही छोटी है उसमें किसी ऐसे काम के लिए तुम समय कहाँ से निकाल रहे हो जो तुमको पता है कि थोड़ी देर की उत्तेजना के अलावा तुम्हें कुछ नहीं देगा? समय यूँ ही कम है तुम्हारे पास, उसमें से भी तुमने समय थोड़ी देर के मसाले को दे दिया अब क्या होगा? समय और कम बचेगा न।

सेक्स में कोई बुराई नहीं थी अगर उससे तुमको मुक्ति मिल जाती। मैं सेक्स के माध्यम से कह रहा हूँ। अगर सेक्स के माध्यम से तुमको तुम्हारे दुखों से, तुम्हारे बंधनों से मुक्ति…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org