लड़ना हो तो शांत रहकर लड़ना सीखो

प्रश्न: आप कहते हैं कि शांत रहो, मौज में रहो। जब मैं देखता हूँ कि आसपास गलत हो रहा है और मुझे सही करने के लिए लड़ना भी पड़ेगा, तो वहाँ क्या मुझे लड़ाई लड़नी चाहिए, या सब कुछ परिस्थितियों के हाल पर छोड़ देना चाहिए?

आचार्य प्रशांत: जितने अशांत लोग हैं, उन सबके खिलाफ लड़ाई लड़नी है। और अशांत लोगों को देखकर मंजीत (प्रश्नकर्ता) भी अशांत हो गया है। अब मंजीत के खिलाफ लड़ाई कौन लड़ेगा? तुम कह रहे हो, “मैं शांत कैसे रहूँ जब…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org