राम से राम तक की यात्रा है जीवन

प्रश्नकर्ता: प्रिय आचार्य जी, प्रणाम! गीता का पाठ संभव कर देने के लिए धन्यवाद। अध्याय ७, १३ और १५ में श्रीकृष्ण प्रकृति, दो प्रकार के पुरुष, और पुरुषोत्तम के बारे में बताते हैं और कबीर साहब ने चार रामों की बात कही है-

चार राम हैं जगत में, तीन राम व्यवहार।

चौथ राम सो सार हैं, ताको करो विचार॥

एक राम दसरथ घर डोले, एक राम घट-घट में बोले।

एक राम का सकल पसारा, एक राम है सबसे न्यारा॥

~ संत कबीर

--

--

आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org