ये पागल इच्छाएँ

आचार्य प्रशांत: लोग पूछते हैं, “अध्यात्म की ज़रूरत क्या है?”

तुम अगर आध्यात्मिक नहीं हो तो ऐसा नहीं है कि तुम्हारे साथ कुछ अच्छा घटेगा, कुछ बुरा घटेगा। हमारे साथ जो तय है होना, जो डिफ़ॉल्ट (अकारण) है, वो प्राकृतिक है; और वो हमारे लिए अच्छा नहीं है। ये बात बिलकुल अच्छे तरीके से समझ लो, सीने में जमा लो। तुम अगर होश में नहीं हो तो भी तुम्हारी ज़िंदगी की गाड़ी तो चलेगी ही, क्योंकि प्रकृति का काम है चलना; तो तुम्हारी गाड़ी रुकने नहीं वाली। वो…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org