ये खास सीख छुपी है मौत के डर में [भागो मत, कुछ सीखोगे]

ये खास सीख छुपी है मौत के डर में [भागो मत, कुछ सीखोगे]

प्रश्नकर्ता: प्रणाम, आचार्य जी! आचार्य जी, मैं बचपन से ही ऐसे माहौल में रहा कि पापा से बहुत डर लगता था। पापा बहुत मारते-पीटते थे। चाचा भी बहुत मारते-पीटते थे। तो बहुत डर लगता था। फिर कॉलेज चला गया। कॉलेज में ऐसा था कि हम एक ग्रुप में रहते थे, हॉस्टल में रहते थे, काफ़ी लोगों का ग्रुप था। तो मैं अब देखता हूँ कि जैसे कभी लड़ाई-वड़ाई हो जाती थी तो साथ भी जाते थे, सब चीज़ें होती थीं, तो वहाँ पर भी डर…

--

--

आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org