मौत नहीं, अनजिया जीवन है पीड़ा

कोई है जिसका जीवन में बड़ा गहरा स्थान था। एक दिन आता है जब वो नहीं रहता, अब मन पर बड़ी गहरी चोट पड़ती है, मन रो उठता है और वो निशान मन पर ऐसा गहरा पड़ता है कि फिर जीवन कभी उस निशान से मुक्त नहीं हो पाता। एक याद है जो हमेशा साथ ही रहती है, एक छिन जाने का अहसास। कुछ था, जो मुझसे छिन गया और उसकी गहरी पीड़ा रहती है, बहुत गहरी पीड़ा।

हममें से कोई ऐसा नहीं है, जिसके मन में वो पीड़ा ना हो, हममें से कोई ऐसा नहीं है जो पूर्णत…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org