मोह भय में मरे, प्रेम चिंता न करे

इंसान की गहरी से गहरी प्यास होती है प्रेम की। वह जब मिलती नहीं है, तो दिमाग बिल्कुल रुखा-सूखा और भ्रष्ट हो जाता है।

प्रेम कल की परवाह नहीं करता है, वह समझदार होता है। वह बहुत अच्छे से जानता है कि कल आज से ही निकलेगा।

प्रेम कहता है आज में पूरी तरह से डूबो!

आज अगर सुंदर है, तो कल की चिंता करने की ज़रूरत ही नहीं।

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org