मैं तुम्हें प्यार से लूटने आया हूँ!

मैं तुम्हें प्यार से लूटने आया हूँ!

🔥 “मैं तुम्हें प्यार से लूटने आया हूँ” 🔥

देश को आज़ाद हुए 4 साल ही हुए थे, और 75% आबादी कृषि संबंधित कार्यों से जीवनयापन कर रही थी।

लेकिन एक बहुत विचित्र बात थी : कृषि क्षेत्र में काम कर रहे अधिकतर लोगों के पास अपनी ज़मीन ही नहीं थी।

देश आज़ाद हो चुका था, लेकिन देश का आम-आदमी किसी बड़े जमींदार के खेत में गुलामी का जीवन ही बिता रहा था।

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org