मेरी मर्ज़ी मैं कुछ भी करूँ

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, इंसान में इतना आजकल अपने आप को प्रूव (साबित) करने का इतना जोश क्यों होता है, कि दुनिया को प्रूव करके दिखाना है कुछ? मतलब जैसे आजकल टीवी पर भी देखते हैं, तो मैं एक शो में गया था; उसका ऑडिशन देने गया था, एम.टीवी पर आता है, रोड़ीज़, उसमें पूछता है, "आप क्यों बनना चाहते हो?" आजकल नौजवान पीढ़ी सब बहुत देखते हैं ये एम.टीवी या ये। "तो क्यों बनना चाहते हो?" वहाँ लोग कहते हैं, "मुझे दुनिया को प्रूव करना है, सोसाइटी (समाज) को…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org