मृत्यु के बाद क्या होता है?

आत्मा के साथ कभी कुछ नहीं होता।

आत्मा अद्वैत है।

कौन आएगा उसके साथ कुछ करने, जब दूसरा कोई है ही नहीं ?

यात्रा तो हमेशा किसी सीमित वस्तु की होती है, जगत में ही कहीं-से-कहीं तक की होती है, और सीमित गति होती है। और एक सज्जन हुए हैं जो हमें ये भी बता गए हैं कि जगत में जो भी वस्तु यात्रा करेगी, उसकी गति प्रकाश की गति से ज़्यादा नहीं हो सकती। तो ये तो आत्मा के ऊपर भी…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org