मूर्तिपूजा का रहस्य

मूर्तिपूजा का रहस्य

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, प्रणाम। तत्वबोध एवं आत्मबोध में शंकराचार्य जी द्वारा ब्रह्म को निराकार-गुणातीत आदि बताया गया है, परंतु उनके द्वारा स्थापित आश्रमों को शक्तिपीठ कहा जाता है तथा उनके द्वारा शिव, विष्णु आदि पर भी श्लोकों की रचना की गई है। कृपया उपरोक्त संबंध में मार्गदर्शन की कृपा करें।

आचार्य प्रशांत: ब्रह्म, गुणातीत-निराकार निश्चित है लेकिन जिससे ब्रह्म की बात की जा रही है, वह तो गुणों का ही सौदागर है। वह तो रूप और रंग और…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org