मीडिया कैसी खुराक दे रहा है मन को?

अखबार और टी.वी. क्या है ये समझ लेना काफी है। कोई नियम बनाने की विशेष ज़रूरत नहीं है। देखो, आसपास के अपने समाज को देखो। जो ये सड़क पर लोग चल रहे हैं, इनको देखो। जो ये सड़क किनारे होर्डिंग लगे हुए हैं, इनको देखो। अखबार किसके लिए छपता है? जो तुम्हारा आम आदमी है, वो लोभी है, वो डरा हुआ है, वो शक्की है। ऐसे व्यक्ति के लिए जो अखबार छपेगा उसमें क्या भरा हुआ होगा?

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org