मांगना — भिन्नता का संकेत

माँगना हमारी नियति है क्योंकि हमने पृथकता बैठा ली है।

जैसे ही किसी दूसरे का घर हो गया, वैसे ही आपको अनुमति मांगनी पड़ेगी, और दूसरे का घर होकर रहेगा क्योंकि आपकी विशेष रूचि है अपना घर बनाने में। जो अपना घर बनाएगा, उसका दंड ही यही है कि उसे दूसरों के घर में घुसने के लिए अनुमति लेनी पड़ेगी। जो बहुत सारे ‘अपने’ खड़े करेगा, उसका दंड यही है कि बाकी दुनिया उसके लिए पराई हो जाएगी। जो भी अपने परिवार से बड़ा आसक्त रहेगा, उसकी सजा…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org