माँसाहार भोजन नहीं

माँसाहार कोई भोजन नहीं होता, वो किसी का माँस है, किसी का शरीर है। उसको आप भोजन तब ही बोल सकते हैं, जब आपने किसी प्राणी से मुहब्बत की ही न हो।

तुम नॉन-वेज फ़ूड क्यों बोलते हो, सीधे जानवर का माँस क्यों नहीं बोलते? क्योंकि ऐसे बोलोगे तो तुम्हारी बर्बरता, तुम्हारी क्रूरता साफ़ सामने आ जाएगी।

क्यों बोलते हो कि आज नॉन-वेज खाने का मन है, सीधे बोलो न कि आज किसी की जान लेने का मन है। पर ये बात बोलोगे तो तुम्हें खुद

--

--

आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org