महिषासुर वध से हम क्या सीख सकते हैं?

आचार्य प्रशांत: अब हम तृतीय अध्याय में प्रवेश करते हैं। जहाँ पर दूसरे अध्याय का समापन है, तृतीय अध्याय वहीं से आगे बढ़ता है। तो युद्ध चल रहा है विकराल, और एक के बाद एक दैत्य सेनापति आ करके देवी से संघर्ष कर रहे हैं।

चिक्षुर नाम का असुर आता है जो कई तरीके से संग्राम करता है और अंततः देवी के शूल से उसकी मृत्यु होती है। फिर उसके बाद चामर नाम का दैत्य आता है, वह संघर्ष करता है। देवी का सिंह उस चामर के…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org