मन में दो और दो कभी चार नहीं होता

आचार्य प्रशांत: इम्तिहान में आया है कि दो और दो कितना होता है। तो आप क्या करते हो? आप चार लिख देते हो, और उसके बाद आप रुक नहीं जाते।

प्रश्नकर्ता१: नेक्स्ट क्वेश्चन (अगला प्रश्न )।

आचार्य: हाँ, नेक्स्ट क्वेश्चन (अगला प्रश्न), और उसके बाद आप जब पर्चा वगैराह लिख करके आगे आ गए, आप रुक नहीं जाते।

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org