मन गलत दिशा को क्यों जाता है?

मन गलत दिशा में नहीं भाग रहा। मन ठीक वहीं को जा रहा है जहाँ जाने की तुमने उसे शिक्षा दे रखी है। जब तुम मन को लगातार यही शिक्षा देते हो कि अय्याशी ही सुख है। तो मन अय्याशी की तरफ भागे तो इसमें ताज्जुब क्या है? फिर क्यों परेशान होते हो कि मन उधर को ही भाग रहा है? तुम उसे दिन-रात शिक्षा वही देते हो। तुम सड़क पर निकलते हो, तुम देखते हो किसी नेता का काफिला चला जा रहा है, वहाँ साथ में हथियारबंद लोग है, तुम कहते हो कि यही जीवन का परम उत्कर्ष…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org