मन को बदलने दो, बाहरी माहौल खुद ही बदल जाएगा

मन को बदलने दो, बाहरी माहौल खुद ही बदल जाएगा

प्रश्न : आचार्य जी, मेरे डर मेरे माहौल को बदलने नहीं दे रहे हैं? इसमें मैं क्या करूँ?

आचार्य प्रशांत : ऐसा ही है लेकिन ये भी तय है कि अगर भीतर का माहौल बदलता है तो आदमी खुद ही बाहर का माहौल बदल देता है। आदमी खुद ही ऐसे चुनाव करता है जो बाहर का माहौल बदल देंगे। तो आप जब आंतरिक रूप से बदलने लग जाते हो तो ज़ाहिर सी बात है आप बाहर भी बदलाव लाने के लिए तैयार हो जाते हो, उत्सुक हो जाते हो।

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org