मन को चंगा कैसे रखें?

मन को चंगा रखने का एक ही तरीका है, मन को किसी ऊँचे से ऊँचे कार्य में लगा दीजिए।

मन का मौसम उतना ही सुहाना रहेगा जितना सुहाना मन का लक्ष्य।

मन का लक्ष्य ही अगर सुंदर नहीं है, तो मन की हालत सुंदर नहीं हो सकती। मन का लक्ष्य अगर होगा — नोट और सिक्के। तो मन भी वैसा ही होगा सिक्के जैसा नोट जैसा। फाड़ो तो फट जाए और गिराओ तो टन-टन-टन-टन करे।

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org