मन को अशांत करने वाले कामों से कैसे बचें?

दो चीज़ें एक साथ चाहिएं: विवेक और वैराग्य।

विवेक का अर्थ होता है भेद कर पाना, अंतर कर पाना, हर वो काम जो हम कर रहे हैं वो ज़रूरी नहीं है।

विवेक का काम होता है देखना कि कौन-सा काम वाकई ज़रूरी है।

देखो, ऐसा नहीं होगा कि तुम्हारी ज़िन्दगी में बीस काम ऐसे हों जो तुम्हारा चैन ख़राब करते हों और वो बीसों बहुत आवश्यक हों, ऐसा नहीं होगा, तो विवेक का…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org