मन और अहम क्या? वृत्ति और मुक्ति क्या?

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, मन के बारे में बहुत बोला जाता है कि मन चंचल है, ये है, वो है, लेकिन अगर हम मूल की बात करें तो मन क्या है, बुद्धि है या अहंकार? जब हम पैदा हुए, तब से लेकर अब तक की जो याददाश्त है, वो मन है या कुछ और?

आचार्य प्रशांत: मन पैदा होने से पहले का ही है। पैदा होने के बाद तुम्हारी मेमोरी (स्मृति) शुरु होती है न? पैदा होने के बहुत-बहुत बाद, दो साल बाद, ढाई साल बाद।

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org