भौतिक वस्तुओं की क्या महत्ता है?

पदार्थ में, चीज़ों में, वस्तुओं में, बुराई क्या हो गई? पर समझ लेना कि उसमें अच्छाई भी कब है? उसमें अच्छाई भी तब है, जब वो तुम्हारे काम आए।

एक सज्जन को देखा मैंने, वो अपनी एक बहुत बड़ी गाड़ी, जो उन्होंने नई-नई ही खरीदी थी, महंगी गाड़ी, एक-तिहाई दाम में बेच रहे थे। तो किसी ने बताया कि इस नई गाड़ी में इनके जवान बेटे की मौत हो गई थी। तो इस गाड़ी को वो किसी भी तरीक़े से अपनी नज़रों से हटाना चाहते हैं।

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org