भावुकता का क्या करूँ

भावुकता का क्या करूँ

प्रश्न: सर मैं सॉफ्ट-हार्टेड हूँ। मैं बहुत जल्दी भावुक जो जाती हूँ। क्या करूँ?

वक्ता: यह ध्यान से समझना होगा कि जो भी भाव उठते हैं उनके पीछे एक विचार होता है। बिन विचार के भाव नही आ सकता। हम लोग भाव को बहुत ज़्यादा महत्व दे देते हैं। हम सोचते हैं कि उसमें कोई बड़ी बात है। कोई बहुत पूज्यनीय चीज़ है। कोई भावुक हो जाता है तो हमें लगता है कि कोई विशेष बात हो गयी। किसी के आँसू देख लेते हैं तो हम बेचैन हो जाते हैं। हमें लगता है आँसू…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org