बोध खरीदा नहीं जाता

आचार्य प्रशांत: छात्रों से अब यह बात कह रहा हूँ। तुम्हें शिक्षक से ऐसे नहीं मिल पायेगा कि तुम वहाँ यह सोच कर जाओ कि देखो मैं तो छात्र हूँ, कॉलेज की फीस देता हूँ, कॉलेज ने कोर्स चलाया है, तो मैं ज्ञान खरीदने जा रहा हूँ। ऐसे नहीं मिल पायेगा। समझ में आ रही है बात?

इस तरीके से तुम्हें विज्ञान का ज्ञान मिल सकता है, गणित का ज्ञान मिल सकता है, भौतिकी का ज्ञान मिल सकता है, पर जीवन का ज्ञान तो गुरु से ही मिलता है। और वहाँ पर रवैया…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org