बुद्ध ने राज छोड़ा, तो हमने प्याज छोड़ा

ये प्याज-लहसुन का खेल आसान है। कोई जीवन में कोई क़ुरबानी न दे, कोई जीवन में अपने किसी तरह का बदलाव लाने को तैयार न हो, तो इतना तो कर ही सकता है न कि मैं सत्य का इतना प्रेमी हूँ कि मैंने प्याज छोड़ दी।

ल्यो! अरे हमने भी कुछ किया। अरे बुद्ध ने राज्य छोड़ा होगा, हमने प्याज छोड़ी है। तुमने राज्य छोड़ा हमने प्याज छोड़ी। हम किसी से कम नहीं।

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org