बुद्धि के दोषों को हटाने का उपाय क्या?

बुद्धि की वृत्ति से आगे निकलने का मतलब होता है कि कुछ ऐसा जीवन में ले आ लेना जो साधारणत: तुम्हारी बुद्धि तुमको सुझाएगी नहीं। बुद्धि तो प्रकृति का ही एक उत्पाद है, तुम्हारे पास ये मस्तिष्क न हो, तो तुम्हारी बुद्धि बचेगी क्या? बुद्धि तो प्राकृतिक है और जो कुछ भी प्रकृति से संबंधित है, वो त्रिगुणात्मक ही होता है। तो बुद्धि में भी ये जो गुण संबंधित वृत्तियाँ है वो हमेशा रहेंगी ही रहेंगी। कुछ ऐसा करना है जो प्रकृति से आगे का…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org