बीमारी को बीमारी न मानना ही बीमारी है

एक दुर्घटना हो गयी है। दुर्घटना ये है कि हमने एक झूठ को सच मान लिया है। अगर आप को ये पता ही हो कि आप तकलीफ में हैं, तो आपके पास पूरा बोध है, पूरी शक्ति है, उस तकलीफ से मुक्त हो जाने की। क्योंकि तकलीफ में कोई जीना नहीं चाहता। लेकिन आदमी के साथ एक विचित्र स्थिति है। मैं उसी को दुर्घटना का नाम दे रहा हूँ। वो स्थिति ये है कि हम तकलीफ में होते हैं, पर उसे तकलीफ का नाम नहीं देते, हम उसे कोई खूबसूरत नाम दे देते हैं। तो तकलीफ कायम…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org